मेरे एक मित्र आरक्षण के सख्त खिलाफ हैं अकसर कहा करते थे ये ३३ परसेंट आरक्षण वाले जब इंजीनियर बनेंगे तो न जाने कितने पुल ढह जायेंगे न जाने कितनी इमारतें गिरेंगी .आज जब उनके बेटे ने पी ऍम टी की एक्साम दी तो उसके १९ परसेंट ही थे। पर प्रायवेट कॉलेजों की बदोलत उसका एडमिशन
एक इंजिनियर कोलेज में हो गया .मेने मित्र से पूछा अब कितनी इमारतें गिरेंगी और कितने पुल धहेंगे वो चुप थे .
Tuesday, October 13, 2009
Sunday, October 11, 2009
ओ बा ......ओबामा को नोबल
ओबामा को नोबल सदी का सबसे बड़ा जोक कहा जा सकता है। अब सेम अंकल भी फख्र से दावा कर पाएंगे की वो तो दुनिया भर में शान्ति के कबूतर उडाते फ़िर रहे हैं ये मोटी अकल के लोग समझने को तैयार नही है तो वो क्या करें । अब ये तो उनकी मजबूरी है की अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिक बढ़ाना पड़ रहे हैं इराक से वापसी मुमकिन नही हो पारही पाकिस्तान को लाखो डालर जिमाना पड़ रहे हैं भले ही वो उनका इस्तेमाल कश्मीर में करे या मुंबई में ।
उनकी भूकी मल्टी नॅशनल कंपनिया थर्ड वर्ल्ड के गरीबों का खून चूस चूस कर मोटी हो रही हों भले ही उन का परमाणु जखीरा सबसे ज्यादा हो पर बड़े चौधरी होने के नाते उनका हक है की वो दुनिया को गांधीगिरी का सबक सिखाएं। भोले भाले नोबल बालों को इतनी समझ कहाँ । वो तो बुश को भी नोबल देना चाहते थे .दरअसल ये नोबल भी ऑस्कर मिस वर्ल्ड मिस यूनिवर्स की तरह अमेरिकी साम्राज्य वाद के फेके हुवे टुकड़े हैं जो उन्ही की इच्छा अनुसार बाते जाते हैं ये बात अब हमें समझ लेना चाहिए ।
उनकी भूकी मल्टी नॅशनल कंपनिया थर्ड वर्ल्ड के गरीबों का खून चूस चूस कर मोटी हो रही हों भले ही उन का परमाणु जखीरा सबसे ज्यादा हो पर बड़े चौधरी होने के नाते उनका हक है की वो दुनिया को गांधीगिरी का सबक सिखाएं। भोले भाले नोबल बालों को इतनी समझ कहाँ । वो तो बुश को भी नोबल देना चाहते थे .दरअसल ये नोबल भी ऑस्कर मिस वर्ल्ड मिस यूनिवर्स की तरह अमेरिकी साम्राज्य वाद के फेके हुवे टुकड़े हैं जो उन्ही की इच्छा अनुसार बाते जाते हैं ये बात अब हमें समझ लेना चाहिए ।
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