मेरे एक मित्र आरक्षण के सख्त खिलाफ हैं अकसर कहा करते थे ये ३३ परसेंट आरक्षण वाले जब इंजीनियर बनेंगे तो न जाने कितने पुल ढह जायेंगे न जाने कितनी इमारतें गिरेंगी .आज जब उनके बेटे ने पी ऍम टी की एक्साम दी तो उसके १९ परसेंट ही थे। पर प्रायवेट कॉलेजों की बदोलत उसका एडमिशन
एक इंजिनियर कोलेज में हो गया .मेने मित्र से पूछा अब कितनी इमारतें गिरेंगी और कितने पुल धहेंगे वो चुप थे .
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