ओबामा को नोबल सदी का सबसे बड़ा जोक कहा जा सकता है। अब सेम अंकल भी फख्र से दावा कर पाएंगे की वो तो दुनिया भर में शान्ति के कबूतर उडाते फ़िर रहे हैं ये मोटी अकल के लोग समझने को तैयार नही है तो वो क्या करें । अब ये तो उनकी मजबूरी है की अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिक बढ़ाना पड़ रहे हैं इराक से वापसी मुमकिन नही हो पारही पाकिस्तान को लाखो डालर जिमाना पड़ रहे हैं भले ही वो उनका इस्तेमाल कश्मीर में करे या मुंबई में ।
उनकी भूकी मल्टी नॅशनल कंपनिया थर्ड वर्ल्ड के गरीबों का खून चूस चूस कर मोटी हो रही हों भले ही उन का परमाणु जखीरा सबसे ज्यादा हो पर बड़े चौधरी होने के नाते उनका हक है की वो दुनिया को गांधीगिरी का सबक सिखाएं। भोले भाले नोबल बालों को इतनी समझ कहाँ । वो तो बुश को भी नोबल देना चाहते थे .दरअसल ये नोबल भी ऑस्कर मिस वर्ल्ड मिस यूनिवर्स की तरह अमेरिकी साम्राज्य वाद के फेके हुवे टुकड़े हैं जो उन्ही की इच्छा अनुसार बाते जाते हैं ये बात अब हमें समझ लेना चाहिए ।
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nice.papa ji, ye to sahi likha hai aapne.
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