Sunday, September 27, 2009
थरूर का भगत चेतन
इंग्लिश के कथित बेस्ट सेलर चेतन भगत ने शशि थरूर की केटल क्लास टिपण्णी का सपोर्ट किया हे दरअसल चेतन और थरूर एक ही क्लास इंडिया के मेंबर हैं जो आम आदमी की न तो भाषा समझते हैं न मानसिकता । चेतन उस आई आई टी की उपज हैं जिसके बच्चे देश का हजारो रुपये बर्बाद कर के या तो अमेरिका चले जाते हैं या मल्टी नेशनल की गुलामी करते हैं.चेतन और थरूर न तो सादगी से रह सकते हैं न ही उन्हें सादगी पसंद है.चेतन बेठे बिठाये इस आर्टिकल में भारतीय हास्य बोध पर भी कमेंट्स कर बेठे उनका कहना है की थरूर ने जो केटल क्लास कहा है वो पूरी दुनिया के लोग समझते हैं की मजाक है भारतियों में हास्य बोध की कमी है इसलिये वो इसे समझ नही पाए । चेतन का यह बयां उनकी बचपनी भाते दिमाग को दिखाता है भारतियों का हास्य बोध देखना है तो यहाँ के लोक गीतों में देखें और ये परम्परा सदियों नही हजारो सालों की है रामायण महाभारत के भी पहले भारतीय ग्रंथों में हास्य के उदहारण देखे जा सकते हैं पर चेतन वा ये केसे समझ सकते हैं क्योंकि ये किसी लन्दन या अमेरिकी अख़बार में नही छपा।आम आदमी केटल क्लास का कमेंट्स इसलिए नही समझ पाया की चेतन और थरूर जेसे लोगों की लाख कोशिशों के बावजूद इंग्लिश हमारी खोपडिया में घुस नहीं पा रही है । चेतनवा यहीं नही रुके आगे वो समझाते हैं की भारत को अपने रक्षा खर्च में कटौती करना चाहिए उन्हें चिंता नही की सीमा पर क्या हो रहा है चीन घुसपैठ कर रहा है कश्मीर में शहीदों की लम्बी कतारें हैं बंगला देश नेपाल सभी भारत को टेढी नजर से देख रहे हैं .दरअसल चेतन और थरूर उस वर्ग के प्रतिनिधि हैं जो हिंदुस्तान को समझती ही नही ।
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u have rightly pointed out that both are so called elite, elites r western cattles
ReplyDeleteवेद मिश्रा जी आप ने बहुत सही फ़रमाया.., चेतन और थरूर के विषय में ...
ReplyDeleteचेतन और थरूर जैसे लोगों की हमारे देश में कमी नहीं,किसी भी मेट्रो शहर में जाइये
ऐसे बहुत से इन्सां मिलेंगे जिन्हें न तो हमारी देशी भाषा में रूचि है और न देश की संस्कृति में .
आपका स्वागत है .. आप खूब लिखें और बेहतर लिखें ..मक्
चिट्ठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. लिखते रहिये. शुभकामनाएं.
ReplyDelete---
समाज और देश के ज्वलंत मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए व बहस में शामिल होने के लिए भाग लीजिये व लेखक / लेखिका के रूप में ज्वाइन [उल्टा तीर] - होने वाली एक क्रान्ति!
बिल्कुल सही कहा है आपने।
ReplyDeleteगुलमोहर का फूल
satta ka sarur, shashi tharur.narayan narayan
ReplyDeleteबहुत ... बहुत .. बहुत अच्छा लिखा है
ReplyDeleteहिन्दी चिठ्ठा विश्व में स्वागत है
टेम्पलेट अच्छा चुना है. थोडा टूल्स लगाकर सजा ले .
कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें .(हटाने के लिये देखे http://www.manojsoni.co.nr )
कृपया मेरे भी ब्लागस देखे और टिप्पणी दे
http://www.manojsoni.co.nr और http://www.lifeplan.co.nr